पूर्व मंत्री बेहड़ ने गाँधी पार्क तो जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा कार्यालय में दिया धरना
भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। भले ही कांग्रेस पार्टी केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ धरनारत किसानों को समर्थन देने में एकराय दिख रही हो। मगर एक ही शहर में पार्टी के दो धरनों से चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है।
ज्ञातव्य है कि आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसानों ने देशव्यापी काला दिवस मनाने का निर्णय लिया। इस प्रदर्शन को कांग्रेस सहित कई अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी अपना समर्थन दिया। शहर के गाँधी पार्क में पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ अपने कुछ समर्थकों के साथ धरने पर बैठे। इसमें महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा व पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा भी शामिल रही। परंतु गाँधी पार्क से मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा द्वारा अलग से धरना आयोजित करना कांग्रेस कार्यकर्ताओं की समझ से भी परे था।
गावा का बेहड़ से अलग अपना धरना कार्यक्रम करना दर्शाता है कि शहर में कांग्रेस धड़ों में विभाजित हो चुकी है। दरअसल बेहड़ के रुद्रपुर से विधानसभा चुनाव न लड़ने के ऐलान के बाद यहाँ से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों में गावा और पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा के नाम शामिल हैं। साथ ही संदीप चीमा भी इस सूची में काफी आगे हैं और मेहनत भी कर रहे हैं। इनमें मीना शर्मा व उनके पति अनिल शर्मा सहित संदीप चीमा बेहड़ के करीबी माने जाते हैं। वहीं गावा किसी समय बेहड़ के दाहिने हाथ होते थे लेकिन कालांतर में भाजपा नेताओं से गावा की करीबी उन्हें बेहड़ से दूर करती चली गयी। यही नहीं बेहड़ को बाईपास कर गावा लगातार हल्द्वानी और देहरादून के कांग्रेस नेताओं के संपर्क में ज्यादा रहने लगे। सूत्र बताते हैं कि गावा को प्रदेश महामंत्री के स्थान पर उधम सिंह नगर जिले का कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किये जाते समय बेहड़ से न ही सलाह ली गयी और न ही घोषणा पूर्व उन्हें जानकारी दी गयी।

हालाँकि एक वरिष्ठ नेता को गावा द्वारा अनदेखा किया जाना पार्टी कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरा है। नाम न छापने की शर्त पर उनका कहना था कि गावा को बेहड़ के साथ गाँधी पार्क में धरना देना चाहिए था। यह भी कहा कि रुद्रपुर विधानसभा में बेहड़ के सहयोग के बिना दबदबा कायम करने की इच्छा रखने वालों को ग़लतफ़हमी में नहीं रहना चाहिए कि वह अपने दम पर राजनीतिक रसूख पा लेंगे।
कुल मिलाकर कांग्रेस के एक ही विषय को लेकर दो धरनों से पार्टी की खासी किरकिरी हो रही है।



