Sunday, March 22, 2026
HomeUttarakhandमंदी में मिठाई करोबार भी हुआ फीका  

मंदी में मिठाई करोबार भी हुआ फीका  

spot_img

भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। आर्थिक तंगी के चलते हर तरफ बाज़ार की गति धीमी हो चुकी है, जिसका असर त्यौहारों को ख़ास बनाने वाली मिठाइयों पर भी पड़ने लगा है। मंदी के चलते मिष्ठान विक्रेताओं को कारोबार में नुकसान का डर सताने लगा है, मिष्ठान व्यापारियों की माने तो बाज़ार की मंदी उनके लिए मिष्ठान से मिठास छीनने जैसा है। रुद्रपुर के बड़े दुकानदारों को छोड़कर छोटे दुकानदारों को अभी से दीपावली में मुनाफा न होने का डर सताने लगा है।

बता दे कि मिष्ठान खरीदारी की मात्रा में कटौती के साथ महंगाई और मिलावट का डर ग्राहकों की बड़ी चिंता है। छोटी दुकानों में गुणवत्ता और बड़ी दुकानों में 500 से 2000 तक के महंगे आइटम ग्राहकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

हिंदू धर्म के अनुसार दीपावली सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, यही नहीं बाजार में भी इसे मुनाफा कमाने के अवसर की तरह ही देखा जाता है। हालांकि कोरोना महामारी के बाद आई बाढ़ के कारण जहां एक तरफ गरीबों के आशियाने ढह गए है वहीं बज़ार में बैठे कई व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे न तो उनके पास खुले खर्च के लिए पर्याप्त पूँजी की व्यवस्था है और न ही किसी कर्मचारी को दीपावली का बोनस देने की उनके पास व्यवस्था है।

गुलाब स्वीट्स के मालिक के मुताबिक बीते वर्ष कोरोना के कारण बाज़ार बेहद धीमा रहा। उन्होंने बताया कि दीपावली पर बाज़ार में उछाल की उम्मीद थी लेकिन बाढ़ के कारण बाजार का धीमापन बदस्तूर जारी है।

नवरंग स्वीट्स के मालिक ने बताया कि बाजार में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि जहां पहले 3000 से अधिक गिफ्ट बॉक्स के आर्डर मिलते थे वही दीपावली तक 1000 आर्डर ही मिले है।

ग्राहक बीसी पांडेय के मुताबिक बाजार में सभी के लिए कुछ न कुछ है। उन्होंने बताया कि महंगाई के कारण कुछ लोगों के लिए खरीदारी थोड़ी मुश्किल जरूर हो सकती है।

ग्राहक हरीश के मुताबिक दीपावली को देखते घरों में मिठाई खरीदी जा रही है, उन्होंने बताया कि जहां पहले लोग 5 किलो तक मिठाई खरीदते थे। वही वर्तमान में लोग एक से दो किलो मिठाई ही खरीद रहे है।

बता दे कि मिष्ठान खरीदारी की मात्रा में कटौती के साथ महंगाई और मिलावट का डर ग्राहकों की बड़ी चिंता है। छोटी दुकानों में गुणवत्ता और बड़ी दुकानों में 500 से 2000 तक के महंगे आइटम ग्राहकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

RELATED ARTICLES

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments