भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर । रोडवेज से बर्खास्त किये गए चालक और परिचालक पांचवे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने ऐसी उदासीनता के लिए परिवहन के अधिकारीयों पर कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया ।
दारा सिंह और रूप मुताबिक बीते ढाई दशक से परिवहन निगम में सेवा दे रहे हैं। उनका निवास स्थान रुद्रपुर बस अड्डे से कुछ ही दूरी पर दरिया नगर में है। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम की ओर से कर्मचारियों समेत 11 परिवारों की जमीन को अपना बताकर 11 महीने पहले नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। बताया कि वह वर्ष 2004 से नगर निगम को गृह कर जमा कर रहे हैं। बताया कि उच्च न्यायालय में दायर याचिका के फैसले में भी परिवहन निगम को जमीन का मालिक नहीं माना गया है। बताया कि इसके बाद भी कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बताया कि नौकरी से बर्खास्त होने के बाद रोजगार नहीं होने पर परिवार में आर्थिक स्थिति का संकट आ गया है। एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही की गई है। डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई है। दोनों कर्मचारियों को फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।



