Tuesday, March 17, 2026
HomeUttarakhandहाथों पैरों से लाचार होते हुए भी खुद की मेहनत से कमाई...

हाथों पैरों से लाचार होते हुए भी खुद की मेहनत से कमाई गई रोटी खाना पसंद करता है नावेद

spot_img

भोंपूराम खबरी,गदरपुर। हाथों पैरों से लाचार होने के बाबजूद भी एक दिव्यांग युवक भीख मांगने के बजाय ट्राई साइकिल पर फल सब्जी इत्यादि बेचकर घर चलाने में अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। दिव्यांग युवक के हौसले देखकर ग्राहक भी उसके जज्बे की सराहना करते नही थकते और बढ़-चढ़कर उससे सामान की खरीदारी करते हैं। ऐसे युवक अन्य विकलांग लोगों के लिए भी एक मिसाल हैं। वही, दिव्यांग युवक ने रोजमर्रा के कार्यों में आ रही तमाम दिक्कतों को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक संस्थाओं से एक ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की मांग की है।

गुरुवार को ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मझराशीला निवासी नावेद पुत्र बहादुर (पेंटर) जोकि बचपन से ही पोलियो की बीमारी से ग्रसित है और पोलियो होने की वजह से नावेद कुछ भी बोल पाने में असमर्थ होने के साथ-साथ हाथ पैरों से भी लाचार है लेकिन तमाम शारीरिक समस्याओं के बावजूद भी उसके हौसले कम नहीं हुए हैं। नावेद जैसे युवक समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है जिन्होंने भीख मांगने के बजाय खुद की मेहनत से रोजी रोटी कमाने को ज्यादा बेहतर समझा। नावेद अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहता इसलिए उसने मेहनत करना जरूरी समझा। वह रोजाना ट्राई साइकल से कभी सब्जी तो कभी फल आदि बेचकर परिवार की आजीविका चलाने में अपने पिता का साथ देते हुए एक पुत्र होने का फर्ज भी निभा रहा हैं। नावेद से एक मुलाकात में उन्होंने बताया की किसी से भीख मांगने से अच्छा है कि खुद मेहनत करके खाना ज्यादा बेहतर है। उनकी इन बातो से अन्य लोगो को भी प्रेरणा लेना चाहिए जो शरीर से स्वस्थ होने के बाद भी दूसरों के सहारे पर निर्भर रहते है या भीख मांग कर अपना गुजर बसर कर रहे है। नावेद ने बताया की गांव के ही रहने वाले समाजसेवी मोहम्मद हारिस ने 5 साल पहले उन्हें समाज कल्याण विभाग से एक ट्राई साइकिल दिलवाई थी जिसके सहारे वह घर घर जाकर सब्जी फल आदि बेचकर अपना गुजारा कर रहा हैं। नावेद ने बताया कि कुछ साल पूर्व मिली ट्राई साइकिल अब चलने के हालात में नहीं है उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक संस्थाओं से एक ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी शेखर जोशी कहा हैं कि ऐसे दिव्यांग युवक समाज के लिए एक मिसाल है उन्होंने नावेद के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि वह संबंधित संस्थाओं एवं समाज कल्याण विभाग से दिव्यांग को ट्राई साइकिल दिलवाने का पूरा प्रयास करेंगे।

 

 

RELATED ARTICLES

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments