भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। अब इसे प्रशासनिक लापरवाही कहें या लोगों की बदनसीबी, कि शहर की आवास विकास कालोनी को शिवनगर और ट्रांजिट कैंप से जोड़ने वाला पुल ध्वंस होने के लगभग दो माह बाद भी निर्माण की बाट जोह रहा है। क्षेत्र में बीती 18 व 19 अक्टूबर को आई अतिवृष्टि के दौरान कल्याणी नदी के ऊपर बना यह पुल एक ओर से पूरी तरह टूट गया था। सैकड़ों लोग व दोपहिया वाहन सवार याहं से रोजाना अपनी जान हथेली पर लेकर निकलते हैं। लेकिन निगम अथवा स्थानीय प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली है।
लगभग चार वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल ने जगतपुरा मार्ग पर बृहस्पति देव मंदिर के निकट इस पुल का निर्माण अपनी विधायक निधि से करवाया था। इस पुल के बनने से पूर्व ट्रांजिट कैंप और शिवनगर के रहने वाले कामगार मजदूरों और दैनिक वेतनभोगी महिलाओं को आवास विकास व सिडकुल तक जाने के लिए पैदल तीन किलोमीटर का अतिरिक्त सफ़र करना पड़ता था। इस पुल की चौडाई इतनी रखी गयी कि पैदल यात्री के लावा साइकिल व बैक सवार भी यहाँ से गुजरते थे। लेकिन अक्टूबर की जलप्रलय ने इस पुल को एक ओर से ढहा दिया। अब यहाँ से लोग जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं। दो माह बीतने पर भी न ही जनप्रतिनिधियों और न ही प्रशासनिक मशीनरी ने इस पुल को ठीक करने की जहमत उठाई है। जबकि यह पुल कभी भी भरभरा कर गिर सकता है।
आवास विकास के घरों में सहायिका का कार्य करने वाली लाली देवी ने कहा कि वह संभल कर पुल पार करती हैं। वहीं सिडकुल में काम करने वाले अपने बेटे को उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि वह मोटरसाइकिल पर तीन किमी लंबा रास्ता भले ही तय करे परन्तु इस पुल से न गुजरे। इस मामले में विधायक राजकुमार ठुकराल का कहना था कि उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है और जल्द ही इस पुल को रिपेयर कर दिया जायेगा।



