भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने जिला मुख्यालय में चार हजार वर्ग मीटर में निर्मित 50 बच्चों की क्षमता का राजकीय सम्प्रेक्षण गृह का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्या ने कहा यह राजकीय सम्प्रेक्षण गृह विधि विरूद्ध बच्चें जो अपने रास्ते से भटक गये थे, उन बच्चों की देख-रेख तथा उन बच्चों को मुख्य धारा से जोडने के लिए बहुत उपयोगी होगा।
उन्होंने कहा कि इस सम्प्रेक्षण गृह में बच्चों की समय-समय पर काउन्सलिंग की जायेगी, उन्हें लाईब्ररी की सुविधा मिलेगी साथ ही विभिन्न कार्यो हेतु खुला वातावरण मिलेगा। उन्होने कहा 18 साल के ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक नही है, प्रदेश सरकार उनका अभिभावक बन कर उनकी परवरिश कर रही है। उन्होने कहा ऐसे बच्चों चिंता की करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें 5 प्रतिशत का क्षैतीज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होने कहा देश में उत्तराखण्ड ऐसा पहला राज्य है जहां कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों की प्रदेश सरकार संरक्षक बनकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत दे रही है। उन्होने कहा इस योजना के अन्तर्गत लगभग 03 हजार बच्चे चिन्हित किये गये है। उन्होने कहा प्रदेश सरकार द्वारा ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक अर्थिक रूप से कमजोर है, ऐसे 18 वर्ष आयु के निम्न श्रेणी के बच्चों को भिक्षावृत्ति तथा बाल मजदूरी से रोकने के लिए दो हजार रू मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा ने बताया इस राजकीय सम्प्रेक्षण गृह की लागत 496.63 लाख है। इसमें 3 बडे बैरक, 1 डाइनिंग हॉल, रसोई घर, कोर्ट रूम, रिटाइरिंग रूम, पेशगार रूम, सिंक रूम, बाल कल्याण समिति रूम, 6 बाथरूम, 5 टायलेट, रिकार्ड रूम, प्रवेश लाबी, गार्ड रूम, आवासीय भवन सहित पर्याप्त मात्रा में आवासीय ढॉचा उपलब्ध है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल, उप निदेशक मत्स्य संजय कुमार छिम्वाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह, तहसीलदार नीतेश डागर, संजय ठुकराल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



