भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है लेकिन नगर निगम इसे गंभीरता ने नहीं ले रहा है। इससे स्थानीय लोगों में निगम प्रशासन को लेकर नाराजगी व्याप्त है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की ओर से मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इससे मलेरिया और डेंगू फैलने का खतरा बढ़ गया है। शहर के निजी अस्पतालों में मलेरिया से पीड़ित लोग पहुँचने शुरू हो गए हैं।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगता है। जहां लोग मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी, धुएं और रासायनिक पदार्थों का उपयोग करने लगे हैं वहीं रुद्रपुर नगर निगम प्रशासन इसमें काफी पीछे है। मच्छरों के काटने से लोगों को तमाम प्रकार के बीमारियों से जूझना पड़ता है, लेकिन निगम की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। निगम प्रशासन न तो मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव करवा रही है न ही मच्छरों से बचने के कोई उपाय कर रही है। शहर की मलिन बस्तियों में मलेरिया फैलना शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में भी रोजाना दर्जनों मरीज बुखार की शिकायत लेकर पहुँच रहे हैं। पवन कुमार, मनीष आर्या, प्रकाश चन्द्र ,इन्दर नारंग समेत कई नागरिकों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि वह मच्छर जनित रोगों को लेकर संवेदनशील नहीं है। ज्ञात हो कि गत वर्ष डेंगू के चलते शहर के कई लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे थे।
यह चिंतनीय है कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रहा है। शहर में अब तक फॉगिंग नहीं कराई गई है। मलिन बस्तियों में गन्दगी होने के चलते मलेरिया और डेंगू तेजीस इ फ़ैल सकते हैं। प्रशासन की आदत है कि जब स्थितियां खराब होती हैं तब हरकत में आता है। हेमंत कुमार मिश्रा,,, स्थानीय
फिलहाल मरीजों की संख्या बहुत अधिक नहीं है। लेकिन यदि रुके हुए पानी और गन्दगी से बचाव नहीं किया गया तो बीमारी तेजी से फ़ैल सकती है। इस मौसम में मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है। लोगों को स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा। डॉ प्रदीप अदलखा, निदेशक , नारायण हॉस्पिटल
अपने घरों के पास पानी न एकत्र होने दे। घर के आस-पास सफाई रखें। कूड़ा सही ढंग से निस्तारित किया जाए। मच्छर रोधी दवाओं व ओडोमोस का प्रयोग करें। मलेरिया व डेंगू मच्छर से फैलनेवाली बीमारियाँ हैं ऐसे में बचाव किया जाना बहुत जरुरी है। ….. डॉ आरएस सावंत, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक , जवाहर लाल नेहरू जिला अस्पताल



