भोंपूराम खबरी, रूद्रपुर। सिपाही से मारपीट में पुलिस ने एक तथाकथित भाजपा नेता व खुद को एक राष्ट्रीय अखबार का जिला प्रभारी बताने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये युवक पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप है। जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार बीते मार्च माह में आरोपी खुद को भाजपा नेता व एक समाचार-पत्र का जिला प्रमुख बताने वाला अश्विनी कुमार अरोरा दो पक्षों के विवाद की मध्यस्ता करने बगवाड़ा चौकी गया था और वहां ड्यूटी पर तैनात सिपाही मनोज सिंह से उलझने लगा। जब सिपाही ने इसका विरोध किया तो अरोरा ने सिपाही से पहले अभद्रता और फिर हाथापाई कर दी थी। आरोप है कि अरोरा ने इस दौरान सत्ता पक्ष का रौब दिखाते हुए सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी थी। मामले में सिपाही द्वारा अरोरा के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुँचाने और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मी से हाथापाई करने की तहरीर दी गयी थी। मामले में पुलिस ने अरोरा के खिलाफ 27 मार्च को कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित भाजपा नेता व पत्रकार अरोरा फरार चल रहा था। शनिवार की शाम को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सितारगंज स्थित अपने घर के आसपास देखा गया है। जिसपर बिगवाड़ा पुलिस ने सितारगंज पुलिस से संपर्क किया और उसको गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को कागजी कार्यवाही कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
सिपाही से मारपीट में पकडा गया अश्विनी कुमार अरोरा भाजपा नेताओं का करीबी बताया जा रहा है। लेकिन भाजपा नेता इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। कुछ आरोपी को भाजपा कार्यकर्ता तो कुछ समर्थक बता रहे है। वहीं चर्चा है कि बीते दिनो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में आयोजित रोड शो में जहां कई बड़े नेता प्रदेश अध्यक्ष के वाहन के आगे पैदल चल रहे थे तो अरोरा उनके वाहन पर सवार था। फिलहाल इस मामले में भाजपा नेता कुछ भी कहने से कतरा रहे है। रोड शो के दौरान उसका भाजपा नेताओं के साथ डांस करने का विडियो भी वायरल हुआ था।
कथित भाजपा नेता अरोरा का विवादों में उलझा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी आरोपी नेता का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक महिला के साथ गलत हरकत पर एक पाॅश कॉलोनी में लोगों द्वारा उसकी पिटाई कर दी गई थी।
अरोरा के पास भाजपा का कोई दायित्व नही है और न ही वह भाजपा कार्यकर्ता है। प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में वाहन पर खड़ा होना उन्हे भाजपा नेता साबित नहीं करता। भाजपा के पास सत्ता और जनादेश है जिसके चलते कोई भी प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में आ सकता था। — शिव अरोड़ा, जिलाध्यक्ष, भाजपा



