भोंपूराम खबरी,रूद्रपुर। कोरोना काल के दूसरे चरण का पहला लॉकडाउन शहर में सफल रहा। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने रविवार को कर्फ्यू का ऐलान किया था। जिसको लेकर शनिवार को विचार-विमर्श कर रविवार यानि 18 अप्रैल को पूर्णतया कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिये गये थे। कोरोना काल के दूसरे चरण का पहला लॉकडाउन शहर में सफल रहा। रविवार सुबह से ही शहर के बाजारों और मुख्य मार्ग पर सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाओं को चालू रखा गया था। इक्का.दुक्का वाहन व लोग ही सड़को पर आते.जाते दिखे। लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस बल भी सुबह से ही शहर के मुख्य चौराहों पर ही डेरा डाल रखा था। जो लोगो को आने.जाने का कारण पूछ रहे थे। इस दौरान पुलिस ने अनावश्यक घूम रहे लोगों का चालान भी किया। पुलिस के साथ सीपीयू कर्मी भी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।
बता दे कि जिस तरह देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उसको लेकर प्रदेश की सरकार भी चिंतित है। प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते हुए शनिवार की रात से लेकर सोमवार की सुबह तक के लिए लॉकडाउन लगाया है। इसका असर रविवार को देखने को मिला। रविवार सुबह पूरा बाजार सुनसान रहा। साथ ही लोग भी घरो में कैद रहे। वही गली.मोहल्लों में भी लोग घरों में ही दुबके रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अपने वाहनो से शहर का दौरा कर लोगो को अनावश्यक न घूमने की अपील भी की। वही मुख्य चौराहे पर पुलिस अनावश्यक घूम रहे लोगों को रोककर उनसे जानकारी लेती रही। साथ ही स्पष्ट जानकारी न देने पर कई लोगों के चालान भी काटे। वही इस दौरान पूर्ण बंदी में आवश्यक सेवाओं में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं मेडिकल स्टोर, अस्पताल, डेयरी इत्यादि खोलने की अनुमति दी गई थी। साथ ही सिडकुल में स्थापित कंपनियों के खुले रहने के कारण कर्मियों को पहचान पत्र दिखाकर ही जाने की छूट थी। इसके साथ ही रोडवेज बसों को भी लॉकडाउन में छूट दे रखी थी। जिसके चलते कई यात्री भी बसों के इंतजार में दिखे। वही टैम्पो व ई-रिक्शा नहीं चलने से यात्रियो को परेशानी का सामाना भी करना पड़ा।

रोज की दिहाड़ी कर खाने वाले गरीब मजदूर रविवार को लाकडाउन के बावजूद भी दिहाड़ी की तलाश में श्रमिक अड्डे पर बैठे नजर आये। मजदूरो का कहना था कि उनको लाकडाउन की जानकारी नही है। वह लोगा तो रोज कमाकर खाने वाले लोग है। इसलिए रोज श्रमिक अड्डे पर आकर रोजी की तलाश करते है। रविवार को लाकडाउन लगे होने के सवाल पर उन्होने कहा कि हमे तो रोज कमाना है चाहे लाकडाउन लगे या नहीं। अगर रोजी नहीं मिलेगी तो अपने बच्चो व परिवार का पालन पोषण कैसे करेगे। इस दौरान जब उन्हे रविवार को पूर्णतया लाकडाउन के बारे में जानकारी दी गई। तो मायूस होकर वापस अपने घरो को चले गये।

लगे लाकडाउन का रूद्रपुर शहर से सटे रामपुर बार्डर पर भी असर देखने को मिला। बार्डर पर सिर्फ रोडवेज की बसे या आवश्यक कार्यो से आने वाले वाहन बार्डर पर चलते हुए दिखे। शनिवार को बार्डर पर जहां लोगो की आवाजाही नजर आ रही थी। वही रविवार को बार्डर पूरी तरह सुनसान दिखा। 



