भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। केंद्र सरकार की नाकामी के चलते कोरोना की दूसरी लहर में रोजाना लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। भारत को विश्वगुरु बनाने का दावा करने वाली सरकार पर्याप्त समय मिलने के बाद भी आवश्यक अस्पताल यहाँ तक कि दवाइयां भी नहीं बना पायी। कोविड संक्रमण के म्युटेंट स्वरूप से निपटने में भाजपा की राज्य व केंद्र सरकार पूर्ण रूप से विफल साबित हुई है।
यह बात पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता तिलक राज बेहड़ ने प्रेस को जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य के बड़े-बड़े अस्पतालों में दवाओं और ऑक्सीजन सहित वेंटीलेटर व जीवन रक्षक दवाओं का टोटा है। सभी अस्पताल अव्यवस्था का शिकार हैं। यही नहीं जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली भाजपा सरकार के राज में कोविड इलाज के लिए जरुरी रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बिक रहे हैं। उधम सिंह नगर में हालात डावांडोल हैं। यहाँ का जिला प्रशासन फेल हो चुका है। लोगों को कोविड टेस्ट कराने के लिए घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है तो वैक्सीन भी आवश्यक संख्या में नहीं लगाई जा रही। स्वास्थ्य विभाग कुम्भकर्णी नींद सोया हुआ है। राजकीय मेडिकल कालेज में सौ बेड खाली पड़े हैं पर सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास न होने के कारण लोग यहाँ की जगह निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
बेहड़ ने कहा कि बीते साल कोरोना महामारी के फैलने पर केंद्र द्वारा बड़े दावे किये गए थे कि अस्पताल खोले जायेंगे और वेंटीलेटर लगाए जायेंगे। लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। अब जब कोरोना पहले से भी विकराल रूप में सामने आया है तो महामारी का प्रबंधन करने की जगह भाजपा के नेता चुनावी रैलियों में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता निर्लज्ज हो चुके हैं और इस सरकार की काहिली का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।



