भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। सिडकुल की एक गत्ता फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की 5 से अधिक गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। फायर कर्मियों को आग बुझाने में 2 घंटे से अधिक का समय लगा। आग का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। वही इस दौरान किसी के हताहत होने की कोई सूचना नही है। आग से लाखो रुपये का नुकसान का आंकलन जताया जा रहा है।
सिडकुल सेक्टर 4 में एक मीरा इंडस्ट्री नाम की फैक्ट्री है। जिसमें विभिन्न प्रकार के गत्ते का निर्माण किया जाता है। फैक्ट्री में उस समय हड़कंप मच गया जब मंगलवार को सुबह 10 बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। आग की शुरुआत कंपनी के अंदर से हुई और आग बाहर रखे गत्ते के रोल तक पहुँच गयी। देखते ही देखते कंपनी से काला धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। फैक्ट्री में आग लगते ही अफरा तफरी का मौहोल हो गया। जिसके बाद तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी गयी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़िया मौके पर पहुँच गई और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग का विकराल रूप देख सिडकुल की कंपनियों में मौजूद फायर ब्रिगेड की अन्य गाड़ियों भी मौके पर आग बुझाने में लग गई। करीब 2 घंटे की अधिक समय की मेहनत के बाद चारो ओर से पानी डाल कर आग पर काबू पाया गया। इस बीच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बार-बार पानी भर कर ला रही थी। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। वही आग से लाखो रूपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान आग से कंपनी की दीवारों में भी दरारे आ गयी है।
फैक्ट्री में आग लगने के समय फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा किसी के भीतर नही होने की जानकारी दी जा रहा है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में आग लगने के समय सुबह की शिफ्ट में कर्मी कार्य कर रहे थे। आग लगने से फैक्ट्री में अफरा-तफरी का महौल हो गया। वही आग लगने पर कुछ कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास भी किया लेकिन आग का विकराल रूप देखकर वह भी जान बचाकर बाहर निकल आये। जिसके बाद फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। सभी कर्मियों के बाहर निकलने के कारण आग के समय फैक्ट्री के अंदर किसी के भी नहीं होने की संभावना जताई जा रही है।
फायर सीजन कहलाये जाने वाला अप्रैल-मई का महीना तराई के क्षेत्र में कहर बरपा रहा है। जिला उधम सिंह नगर में जहाँ बीते कुछ दिनों में दर्जनों एकड़ गेंहूँ की फसल कई अग्निकांडों के चलते जलकर राख हो गईं तो पिछले डेढ़ महीने में तीन फैक्ट्रियों में भी आग की चपेट में गई है। जिससे करोड़ो रूपये का नुकसान हुआ है। वही एक कर्मी को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है।
लगभग तीन सौ फैक्ट्रियों वाले पंतनगर औद्योगिक आस्थान में स्थापित फायर स्टेशन इतने बड़े आस्थान के लिए नाकाफी है। यहाँ अग्निशमन विभाग के पास चार फायर टेंडर हैं। लेकिन विकराल आग की स्थिति में यह नाकाफी साबित होते हैं। हालाँकि विभाग के पास फोम टेंडर भी हैं लेकिन केमिकल्स व अन्य ज्वलनशील पदार्थों से भरी फैक्ट्रियों में आग लगने की स्थिति में एक फोम टेंडर भी अक्षम साबित होता है। सिडकुल में ही स्थापित बजाज फैक्ट्री के पास भी अपना फायर स्टेशन है और अन्य जगहों पर आग लगने की स्थिति में यहाँ से दमकल वाहन मदद को पहुंचते हैं। मगर दुर्भाग्य से अगर फायर सीजन में एक समय में दो या अधिक स्थानों पर आग लगी तो परिणाम बहुत खतरनाक हो सकते हैं।
सिडकुल में लगी भयावह आग की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए। जिन्होने आग लगने की जानकारी सहित आग से हुए नुकसान के आंकलन की जानकारी भी ली। आग से करीब 30 लाख रूपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। आग का सही कारण व नुकसान जांच के बाद ही पता चल सकेगा



