भोंपूराम खबरी, पंतनगर। विश्वविद्यालय एवं पदमश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश के बीच एक अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए है। जिसके तहत संयुक्त रूप से अनुसंधान करके आयुर्वेदिक चिकित्सा का उपयोग समाज के हित में किया जाएगा। अनुबंध में पंतनगर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डा. तेज प्रताप, निदेशक शोध डा. एएस नैन तथा पदमश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश द्वारा अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये। इस अनुबंध के अन्तर्गत पैंक्रियाटाइटिस रोग में इस्तेमाल की जाने वाली औषधि के लिए नोबल प्राइज परियोजना शुरू करने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट ने वैद्य बालेंदु के कार्यों के बारे में बताया और कहा कि विश्व के अग्रणीय विश्वविद्यालय के साथ यह करार भविष्य में महत्वपूर्ण करार साबित होगा।
कुलपति डा. प्रताप ने कहा कि यह अनुबंध विश्वविद्यालय द्वारा नये आयाम स्थापित करने में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि यह मिशन छोटा नहीं है, बल्कि भविष्य में बडे और प्रभावशाली कार्यक्रम के रूप में आगे आयेगा। उन्होंने आशा जताई कि कृषि विश्वविद्यालय और आयुर्वेद का समावेश देश के लिए एक बहुत बडा उदाहरण बनेगा और भविष्य में वैद्यिक कृषि के नाम से विश्वविद्यालय में महाविद्यालय भी संचालित किया जा सकेगा।
निदेशक शोध, डा. एएस नैन ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा यह करार पांच वर्षों के लिए किया गया है, जो विश्विद्यालय को अलग पहचान दिलायेगा।
इस दौरान विधायक राजेश शुक्ला, निदेशक प्रसार डा. एके शर्मा, अधिष्ठाता कृषि, डा. एसके कश्यपय, निदेशक संचार डा. एसके बंसल, उप प्रभागीय न्यायाधीश, वेद प्रकाश, व्यवसायी केशव अग्रवाल, डा. संजय सहित विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक एवं अन्य वैज्ञानिक व अधिकारी उपस्थित थे।
विवि अनुसंधान के माध्यम से आयुर्वेदिक चिकित्सा का उपयोग करेगा समाज हित में
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