भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। अंतर कलह और गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस के लिए शुक्रवार को महंगाई के खिलाफ आयोजित हुई रैली फ्लॉप शो साबित हुई। महंगाई के खिलाफ निकली इस रैली में सौ कांग्रेसी भी न जुट सके। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर शहर सीट से कैसे कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव में भाजपा के दबंग विधायक राजकुमार ठुकराल का सामना किस तरह करेगी।
भले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और यहाँ तक कि प्रदेश प्रभारियों सहित प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह कांग्रेस के एकजुटता होने के तमाम दावे करें लेकिन कांग्रेस में अंतर कलह किसी से छुपा नहीं है। गाहे-बगाहे आपसी जिला व नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का आपसी मतभेद सामने आता रहता है। महानगर कांग्रेस और जिला कमेटी दो फाड़ है। जिसके चलते कांग्रेस यहां भाजपा के समक्ष बहुत छोटी नजर आ रही है। महानगर कांग्रेस के पदाधिकारी जिले की बैठक में और जिले के पदाधिकारी महानगर के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते। ऐसा ही नजारा आज केंद्र सरकार के खिलाफ निकली महंगाई विरोधी रैली में देखने को मिला। कांग्रेसी कुल जमा सौ कार्यकर्ता भी नहीं जुटा सके। कांग्रेस के टिकट पर प्रमुख दावेदार कही जाने वाली मीना शर्मा ही अपने साथ महिलाओं की भीड़ लेकर पहुंची जबकि बाकी पदाधिकारी अकेले आने के साथ ही मात्र तस्वीर खिंचवाते दिखे। हाल यह रहा कि 4 बैल गाड़ियों पर चंद कांग्रेसी हाथों में तख्तियां लेकर और महंगाई के खिलाफ गानों पर झूमते नजर आए। ऊँगली पर गिने जाने वाले कार्यकर्ताओं के साथ नेता गण गल्ला मंदी से महंगाई के खिलाफ रैली में शामिल हुए और एक किमी की पदयात्रा कर यह रैली गाँधी पार्क में जाकर संपन्न हुई। लेकिन फ्लॉप शो साबित हुई इस रैली से यह साफ हो गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा।
वहीं रैली में महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, महामंत्री राजीव कामरा, पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष अरुण पांडे, युवा प्रदेश महासचिव सौरभ राज बेहड़, सिफिया नाज़, प्रकाश अधिकारी, चंद्रशेखर डब्लू, नवीन प्रधान, उमर अली, दिलशाद अहमद, अमीना मंडल, सरला ठाकुर, पुष्पा, कविता, गीता चौधरी, ओमपाल सिंह, दीपक नेगी, महेंद्र पाल धामा, दिलीप अधिकारी, उमा सरकार, नरेश शर्मा, प्रीति, देबू कोली, सुनील आडवाणी, आसिफ, अकरम, समीर, दिलशाद, मोईन, इम्तियाज अहमद, कोमल राम आदि कार्यकर्ता शामिल थे।



