भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। कोरोना की तीसरी लहर के साथ अफ्रीकी देशो से आ रहे लोगों में पाया जाने वाला ओमिक्रॉन वेरिएंट बेहद खतरनाक माना जा रहा है। जहां अन्य वैरिएंट में संक्रमित में सर्दी खांसी जैसे लक्षण दिखाई देते है वहीं ओमिक्रॉन में ऐसे किसी भी तरह के लक्षण दिखाई दिए बिना संक्रमित व्यक्ति निमोनिया से पीड़ित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे ए रोगसूचक की श्रेणी में रखा है।
माह के अंत से कोरोना संक्रमितों की संख्या में हो रही वृद्धि के चलते जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिसके तहत हाल ही में अफ्रीका के कांगो से आये व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए है। हालांकि व्यक्ति की ट्रूनेट और एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आई है फिलहाल व्यक्ति और उसके परिवार की आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है। एसीएमओ डॉ अविनाश खन्ना ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के सैंपल दिल्ली और देहरादून भेजी जा रही है। जहां संक्रमितों में पाए जाने वाले वेरिएंट की जांच की जा रही है। ओमिक्रॉन वेरिएंट पर जानकारी देते हुए डॉ. खन्ना ने बताया कि दूसरे वेरिएंट की अपेक्षा ओमिक्रॉन अधिक घातक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसमें लक्षण दिखाई दिए बिना संक्रमित व्यक्ति निमोनिया से ग्रसित हो सकता है। डॉ खन्ना ने बताया कि फिलहाल ओमिक्रॉन वैरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर डॉ. खन्ना ने बताया कि जिले में लगातार टीकाकरण किया जा रहा है और लोगों से कोरोना गाइड लाइन का पालन करने की अपील की जा रही है।



