भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। आर्थिक संकट की मार झेल रहे रुद्रपुर डिपो के कर्मचारियों को जनवरी से अबतक पांच महीनो से वेतन नही मिल पाया है। जिसकी वजह से रोडवेज में कार्य कर रहे करीब 300 परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे है।
कोरोना की पहली लहर के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से रोडवेज को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जिसके चलते रोडवेज अपने कर्मचारियों को बीते साल का वेतन बमुश्किल दे पाई। कोरोना की दूसरी लहर के चलते इस वर्ष का वेतन किसी भी कर्मचारी को नही दिया गया है। जिस कारण रोडवेज में काम कर रहे 300 कर्मचारी जल्द से जल्द कोरोना के खत्म होने की प्रार्थना कर रहे है। बता दे कि रोडवेज में कार्यरत कर्मचारीयों में 180 विशेष श्रेणी और 100 से अधिक कर्मचारी नियमित रूप से कार्यरत है। रोडवेज में परिचालक के रूप में कार्य कर रहे ओमकार शर्मा ने बताया कि बीते पांच का वेतन न मिलने से हालात बेहद गंभीर हो चले है। 10 रुपये की दवा के लिए भी मेडिकल स्टोर से उधार करना पड़ रहा है। चालक ज्ञानचंद अवस्थी के मुताबिक राशन की दुकान वाले भी उधार देने के नाम पर मुँह फेरने लगे है, हालात ऐसे ही बने रहे तो परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का जुटाना भी भारी पड़ जायेगा।राज्य सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक विभाग को आधी संख्या में ही कर्मचारियों से काम लेने को कहा गया है। जिसके चलते कर्मचारियों को उनके वेतन में कटौती का डर भी सता रहा है। रोडवेज के केंद्र प्रभारी ब्रह्मानंद ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन आधा करने का निर्णय विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा हो लिया जा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि विभाग को रोजना हो रहे लाखो के नुकसान के कारण वेतन में देरी हो रही है। हालाकि विभाग कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर विचार कर रहा है।



