भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। भीषण गर्मी और उमस के चलते लोगों का बुरा हाल है। ऊपर से अघोषित विद्युत कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। दिन में चल रही गर्म हवाओं से लोग बेहाल है। हालांकि शुक्रवार अधिकतम तापमान में बहुत ज्यादा वृद्धि दर्ज नहीं की गयी है लेकिन 65 प्रतिशत आर्द्रता के कारण चिपचिपी गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो चला है। शीतल पेय व आइसक्रीम के ठेलों पर लोगों की भीड़ जुट रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश न होने तक इसी तरह गर्मी का प्रकोप जारी रहने को लेकर अलर्ट जारी किया है।
इस बार मानसून के जल्दी दस्तक देने से उम्मीद थी कि लोगों को बीते सालों की बनिस्पत गर्मी से राहत मिलेगी। बीते सप्ताह दो दिन हुई बारिश से तराई का मौसम खुशगवार हो चला था। मगर 22 जून से मौसम ने जो करवट ली उसमें हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण उमस और चिपचिपी गर्मी से लोग परेशान हैं। शुक्रवार को बाजार खुला होने के बावजूद बाजारों में भीड़ कम नजर आई। उमस भरी गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाएं और जो लोग जरूरी काम से घरों से निकले भी वह सूती कपड़े से शरीर को एक दम पैक किए हुए था। बाइक से जाने आने वाले लोगों ने आंख को लू से बचाने के लिए चश्मा व हैलमेट पहन रखा था। बदले मौसम के मिजाज से उमस भरी गर्मी और गर्म हवाओं से लोगों का बुरा हाल है। सुबह से शाम तक तेज धूप निकलने से लोग सिर पर अंगोछा और तौलिया बांधकर निकलने लगे है। बिजली जाने पर लोग बेचैन हो जाते है। हवाएं न चलने से स्थिति और बुरी हो चली है।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ आरके सिंह का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक उमस भरी गर्मी से निजात नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि इन दिनों तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पार हो रहा है और इसके साथ ही न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। लेकिन आर्द्रता 70 प्रतिशत के पार जा सकती है। डॉ सिंह के अनुसार 28 और 29 जून को इलाके में बूंदाबांदी हो सकती है।



