भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा नें युवा कांग्रेस में निर्वाचित बनाम मनोनीत के विवाद को ऊधम सिंह नगर सहित उत्तराखंड के एक बड़े क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी की चुनावी संभावनाओं के लिये नुक्सानदायक करार देते हुये इस विवाद को थामने के लिये प्रदेश नेतृत्व को एक पत्र प्रेषित किया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह को लिखे पत्र में गाबा ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय राहुल गांधी ने तेजतर्रार एवं युवाओं में पकड़ रखनें वाले युवा नेताओं कोे संगठन में स्थान देने के लिये संगठनात्मक चुनावों की परंपरा को अमल में लाया गया। इसके अंर्तगत प्रत्येक बूथ से डेलीगेट बनाने से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक युवा कांग्रेस से जुड़े प्रत्येक युवा को मतदान का अधिकार दिया गया। चुनावी प्रक्रिया में निर्वाचित पदाधिकारियों को पद सौंपे गये। इन चुनाव में निर्वाचित पदाधिकारी अपने से जूनियर स्तर पर नियुक्ति करने के भी अधिकारी थे। लेकिन उत्तराखंड में किन्हीं कारणवश प्रदेश अध्यक्ष विक्रम रावत को हटाये जाने के बाद द्वितीय स्थान पर रहे पदाधिकारी की बजाय तीसरे स्थान पर रहे व्यक्ति को युवा कांग्रेस का जिम्मा सौंपने के बाद उधम सिंह नगर में युवा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में रार पैदा हो गयी है।
गाबा नें आगे कहा कि इस चुनावी वर्ष में निर्वाचित पदाधिकारियों को और अधिक अधिकार संपन्न करनें की जरूरत थी। लेकिन निर्वाचित जिलाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला और निर्वाचित विधानसभा अध्यक्षोें को अपने से जूनियर पदों पर युवाओं की नियुक्ति करनें से रोका गया। इससे पहले सेे ही नौ में से आठ विधानसभा सीट, मेयर, नगरपालिका अध्यक्षों सहित ब्लाक प्रमुख के चुनाव में हार चुकी कांग्रेस के संगठन में युवाओं को जोड़नें की मुहिम को इससे तगड़ा झटका लगा है। इस पूरे प्रकरण से बचा जा सकता था। कांग्रेस में बिखराव रोकने के लिए पार्टी कजे शीर्ष नेतृत्व को आगे आना चाहोये और सभी के मतभेद दूर करने चाहिए।



