भोंपूराम खबरी रूद्रपुर। नगर निगम में जरूरी काम से आ रहे लोगों को नगर निगम कार्यालय पर घंटो खड़ा होना पड़ रहा है। लेकिन लम्बे इंतजार के बाद भी निगम के अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिल पा रहे है। आलम यह है कि दिन भर अधिकारी व कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी रहती हैं। जिससे लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को जरूरी काम से नगर निगम पहुंची एक महिला ने बताया कि वह 10 बजे यहां आई थी। डेढ़ घंटे खड़े होने के बाद भी संबंधित कर्मचारी अपनी कुर्सी पर नहीं आये है। दरअसल नगर निगम की आयुक्त की ढिलाई के चलते अधिकारी व कर्मचारी बेलगाम हो चले हैं। यहाँ विभिन्न दफ्तरों को बाबू संचालित करते हैं। यहाँ तैनात एक आयुक्त और दो सहायक नगर आयुक्तों का तो यह हाल है कि उनको कई बार और कई दिन लगातार फोन उठाने के बावजूद वह फोन उठाना भी गवारा नहीं समझते। लोग यहां पर ज्यादातर हाउस टैक्स, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए आते हैं, लेकिन कर्मचारी मनमाने तरीके से काम करते हैं। यहाँ जोनल, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सभी की तैनाती है, लेकिन कोई नजर नहीं आता है। इसका खामियाजा जनता भुगत रही है।
प्रीत विहार के निवासी गौरव सिंह ने बताया कि उनकी कालोनी में सड़क का निर्माण किया जाना है। अभी तक ठेकेदार ने काम नहीं शुरू किया। इसकी शिकायत के लिए वह निगम कार्यालय पहुंचे तो कोई अधिकारी नहीं मिला। इस पर उन्होंने बाबू को ही समस्या बताई, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा इस मामले में गरम रुख अपनाए हैं। उनका कहना है की नगर निगम के मेयर व अधिकारी मनमानी में लगे हैं। यह लोग अपने घरों से बैठकर निगम को संचालित कर रहे हैं। अधिकारी निगम में नहीं मिलते और आवश्यकता होने पर कई कॉल के बावजूद फोन नहीं उठाते। जुनेजा ने कहा कि निगम की यही कार्यशैली शहर के विकास को घातक साबित होगी।



