भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। उत्तराखंड के नवनियुक्त मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू ऊधम सिंह नगर जिले के पहले डीएम रह चुके है। एक अक्टूबर सन 1995 में संधू ने नवगठित ऊधमसिंहनगर जिले के पहले जिलाधिकारी के तौर पर कार्यभार संभाला था। एसएस संधू बेहद कड़क एवं त्वरित कार्यशैली वाले अधिकारी के तौर जाने जाते है और ऊधमसिंहनगर जिले का डीएम बनने से पहले उन्होंने अपर सचिव गन्ना विभाग के पद पर रहते हुए बाजपुर चीनी मिल के तत्कालीन जीएम को अनियमितता के आरोप में खुद पकड़ कर सलाखों के पीछे डलवा दिया था। इस कारण उस दौरान जिले में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के दिलो-दिमाग पर उनका बेहद खौफ था।
रुद्रपुर मुख्यालय में तैनात उधम सिंह नगर जनपद के पहले जिलाधिकारी के कार्यकाल के दौरान एसएस संधू ने कलेक्ट्रेट, एसएसपी कार्यालय, विकास भवन, सीएमओ कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर निर्माण के लिए 300 एकड़ भूमि स्थानांतरित करवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। ऐसे में प्रदेश में बदले हुए राजनीतिक समीकरण में तराई के ऊधमसिंहनगर जिले की तरक्की की उम्मीद की जा सकती है। ज्ञात हो कि राज्य के नवनियुक्त सीएम भी ऊधम सिंह नगर जिले के रहने वाले है।
राजनीति के जानकार भी अब यह संभावना जता रहे हैं कि आने वाले समय में ऊधम सिंह नगर जिले में तैनात रहे तेजतर्रार और ईमानदार छवि वाले पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को राज्य के महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दी जा सकती है। दरअसल नवनियुक्त मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद सुलझे हुए तेजतर्रार छवि के नेता हैं और सीएम का पद संभालते ही उन्होंने अपना रुख भी स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए ईमानदारी से अपने कार्यों को अंजाम देने वाले कर्मठ एवं तेजतर्रार अधिकारी ही चाहिए। उनको मुख्य सचिव के रूप में संधू का साथ मिलने से विकास कार्यों में रफ्तार आना तय है।



