भोंपूराम खबरी, रुद्रपुर। पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि संगठन को गतिमान करना, कार्यकर्ताओं के मतभेद दूर करना, सबको एकजुट कर आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस का परचम फहराना उनकी प्राथमिकता है। भाजपा सरकार ने प्रदेश में तीन मुख्यमंत्री बनाए जिससे साबित होता है कि बहुमत की यह सरकार न सिर्फ हर मोर्चे पर बल्कि नैतिक रूप से भी असफल हुई है। उन्होंने कहा कि 3 अगस्त को देहरादून में प्रदेश की कोर कमेटी की बैठक में चुनाव के लिए रणनीति बनायी जाएगी।
यह बात बेहड़ ने कांग्रेस का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नगर के पत्रकारों को पहली बार संबोधित करते हुए कही। अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित वार्ता में बेहड़ ने कहा कि बीते लगभग दस साल से वह एक सामान्य कांग्रेस कार्यकर्ता की तरह पार्टी के प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं। पार्टी ने उन्हें यह पद देकर आम कार्यकर्ता का सम्मान किया है जिसके लिए वह राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व के आभारी हैं। बेहड़ ने बताया कि हरिद्वार की 11, देहरादून की 6 व उधम सिंह नगर की सभी 9 विधानसभाओं सहित उन्हें कुल 26 विधानसभा सीटों का दायित्व मिला है। यहाँ जीत दर्ज करने के लिए वह इन सभी क्षेत्रों का दौरा करेंगे और बूथ लेवल पर कांग्रेस को सशक्त करेंगे। बेहड़ ने कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस द्वारा चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की आलोचना कर रहे हैं लेकिन वह स्वयं जनता को तीन मुख्यमंत्री देने के प्रश्न पर खामोश हो जाते हैं। उन्होंने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि यदि असफल होने के चलते मुख्यमंत्री हटाये गए तो सभी मंत्रियों को भी हटाया जाना चाहिए था। उन्होंने चुटकी ली कि 57 विधायक होने के बावजूद त्रिवेन्द्र सिंह रावत को हटाने के बाद एक सांसद को सीएम बनाना पड़ा जिससे जाहिर है कि भाजपा नेतृत्व की कमी से जूझ रही है। बेहड़ ने नानकमत्ता में सीएम की आगमन के दौरान नृत्य होने के प्रकरण की भी निंदा की और इसे गुरुघर सहित गुरु ग्रन्थ साहेब का अपमान बताया।
बेहड़ ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में महंगाई सुरसा के मुख की तरह बढ़ रही है। पेट्रो और खाद्य पदार्थों के दामों में आग लगी हुई है। बेरोजगारी चरम पर है और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था का बुरा हाल है। प्रदेश में प्रधान हड़ताल पर है। बिजलीकर्मी, सफाईकर्मी, आशा कार्यकत्रियां हड़ताल कर रही हैं। भाजपा शासन में कोई खुश नहीं है। प्रदेश का किसान त्रस्त है। भाजपा के दृष्टि-पत्र में होने के बावजूद किसानों का ऋण माफ़ नहीं किया गया। इन सब नाकामियों और जुल्मों का जवाब प्रदेश की जनता आगामी चुनाव में देगी और कांग्रेस की सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। वार्ता में पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, कांग्रेस प्रदेश सचिव परिमल राय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, सुशील गाबा, अनिल शर्मा भी मौजूद थे।



