भोंपूराम खबरी,रुद्रपुर। उधम सिंह जिले में अफसरशाही हावी होने के हालात साफ दिखाई दे रहे हैं। सत्ताधारी पार्टी के लोगों का अधिकारियों के खिलाफ रोष व्याप्त है। जिसको लेकर जिला पंचायत के सभी 35 सदस्य सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए और जिला पंचायत की बैठकों में अधिकारियों के शामिल न होने को लेकर रोष जताया। करीब दो घन्टे धरने पर बैठने के बाद भी डीएम रंजना राजगुरु अपने दफ्तर से बाहर नहीं निकली। जिसके बाद भाजपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार के पति सुरेश गंगवार ने मुख्यमंत्री से वार्ता की। मगर इसके बाद भी डीएम अपने दफ़्तर से बाहर नहीं निकली। आक्रोशित जिला पंचायत सदस्यों ने एक स्वर में सदन की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। 
जिला पंचायत सदस्यों का कहना था कि जिले में जो प्रस्ताव आए हैं वह बोर्ड बैठक की सहमति से नहीं लिए गए हैं। वहीं अधिकारी भी किसी बैठक का हिस्सा नहीं बनते। जिसको लेकर सदस्यों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे दिया। जिला पंचायत सदस्यों का आरोप है कि जिला योजना का बजट साफ हो गया है जिसके चलते अधिकारी बैठक से बच रहे हैं। सदस्यों का कहना है अफसरशाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सुरेश गंगवार ने साफ़ कह दिया कि अगर अफसरशाही यूँही हावी रही तो सभी जिला पंचायत सदस्य सामूहिक इस्तीफे को बाध्य हो जायेंगे। वहीं रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, एडीएम जगदीश कांडपाल, एसडीएम विशाल मिश्रा समेत अन्य अधिकारी जिला पंचायत सदस्यों को मनाने में जुटे रहे लेकिन सदस्यों ने किसी की नहीं सुनी और धरना जारी रखा। इसके बाद सभी सदस्यों ने डीएम राजगुरु के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के साथ ही उनके स्थानांतरण को लेकर शासन को पत्र लिखने की बात कही। उनका कहना था कि अफसर जनता से ऊपर नहीं हैं और लापरवाह अफसरों के खिलाफ शासन से कार्रवाई करवाकर यह सन्देश दिया जायेगा कि अफसर पाने कर्तव्यों के ढिलाई न बरते।



